इंदौर, 7 अप्रैल(खबरबाबा. कॉम)। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान के तहत लोकायुक्त इंदौर की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (विद्युत एवं यांत्रिकी संभाग) के दो अधिकारियों को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा। कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और एसपी लोकायुक्त इंदौर डॉ. राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की गई।
लोकायुक्त टीम ने सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी बालकुमार जैन और उपयंत्री/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी धीरेन्द्र कुमार नीमा को कुल 90 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में ट्रैप किया। इसमें जैन 60 हजार और नीमा 30 हजार रुपए लेने के आरोप में पकड़े गए।
भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
एसपी लोकायुक्त डॉ. राजेश सहाय ने बताया कि शिकायतकर्ता राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, जो ग्वालियर की एक फर्म में लायजनिंग मैनेजर हैं, ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी फर्म ने राऊ से बामपुरा तक लगभग 20 लाख रुपए का इलेक्ट्रिक सिटींग कार्य किया था, जिसका करीब 17 लाख रुपए भुगतान लंबित था।
आरोप है कि भुगतान जारी करने के बदले अधिकारियों ने कमीशन के रूप में 4% और 2% के हिसाब से कुल 90 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
सत्यापन के बाद ट्रैप की कार्रवाई
शिकायत की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय इंदौर डॉ. राजेश सहाय के मार्गदर्शन में ट्रैप दल गठित किया गया। योजना के अनुसार दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया गया।
इन धाराओं में मामला दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर को दें।