इंदौर, 6 अप्रैल(खबरबाबा. कॉम)।लोकायुक्त संगठन इंदौर ने एसपी डॉ राजेश सहाय के निर्देशन में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी सहायक ग्रेड-3 एवं लेखा शाखा प्रभारी को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।
इंदौर लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदीप मण्डलोई, जो कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जनजाति कार्य विभाग राजपुर (जिला बड़वानी) में पदस्थ है, ने आवेदक से कार्य कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता बाबूलाल नरगावे, जो कि सेवानिवृत्त उच्च श्रेणी शिक्षक हैं, ने लोकायुक्त इंदौर में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पुत्र के निधन के बाद पुत्रवधु को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उसका प्रकरण क्रमांक भोपाल से मंगवाने और वेतन जारी कराने के एवज में आरोपी 8 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
एसपी लोकायुक्त इंदौर डॉ. राजेश सहाय के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया, जो सही पाई गई। इसके बाद 6 अप्रैल को ट्रैप दल का गठन किया गया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी को आवेदक से 7 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए कार्यालय में ही रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारी
कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रआर विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक सतीश यादव, आरक्षक पवन पटोरिया, आरक्षक आदित्य भदौरिया एवं आरक्षक कृष्णा अहिरवार ने कार्रवाई को अंजाम दिया।