रतलाम, 31 मई (खबरबाबा.कॉम)।पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन में रतलाम पुलिस विवेचना कार्य को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ लगभग 320 अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers) को ई-विवेचना’ टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। इससे आपराधिक प्रकरणों की जांच प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप मिलेगा।
क्या है ई-विवेचना एप?
‘ई-विवेचना’ पुलिस विभाग का अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य आपराधिक मामलों की विवेचना को तेज, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। इसके माध्यम से विवेचना अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर ही आवश्यक जांच कार्यवाही डिजिटल रूप से संपादित कर सकते हैं।
एप की सहायता से घटनास्थल से ही केस डायरी, नक्शा मौका, गिरफ्तारी पत्रक, जप्ती कार्यवाही, अभियुक्त सूचना पत्र, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, एमएलसी एवं मर्ग जांच पत्रक सहित अन्य दस्तावेज तैयार कर सीधे सिस्टम में अपलोड किए जा सकते हैं।
रियल टाइम जांच की सुविधा
ई-विवेचना टैबलेट के माध्यम से अनुसंधानकर्ता घटनास्थल पर ही फोटो, वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य संकलित कर सकते हैं। गवाहों के कथन, घटनास्थल निरीक्षण और अन्य आवश्यक जानकारी तत्काल दर्ज कर मुख्य सर्वर पर अपलोड की जा सकती है।इससे जांच की गति बढ़ने के साथ-साथ साक्ष्यों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।
सीसीटीएनएस से सीधा जुड़ाव
ई-विवेचना एप सीधे Crime and Criminal Tracking Network & Systems (CCTNS) से एकीकृत है। इसके माध्यम से विवेचना के दौरान तैयार की गई समस्त जानकारी सीधे सीसीटीएनएस पोर्टल पर उपलब्ध हो जाती है। इससे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रकरणों की मॉनिटरिंग और समीक्षा अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
टैबलेट में अन्य महत्वपूर्ण एप भी उपलब्ध
वितरित किए जा रहे टैबलेट में ई-विवेचना के अलावा पुलिस विभाग की अन्य महत्वपूर्ण एप्लीकेशन भी उपलब्ध हैं।
ई-रक्षक एप – अपराधियों का डाटाबेस और आपराधिक रिकॉर्ड देखने के लिए।
ई-साक्ष्य एप- डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं प्रबंधन के लिए उपयोगी।
रतलाम में पहले ही मिल चुके हैं सकारात्मक परिणाम
पुलिस मुख्यालय द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराए गए 25 ई-विवेचना टैबलेट के माध्यम से जिले में अब तक 9 हजार से अधिक डिजिटल विवेचना संबंधी कार्यवाहियां सफलतापूर्वक संपादित की जा चुकी हैं।
डिजिटल माध्यम से तैयार एवं अपलोड की गई प्रमुख प्रविष्टियां
* 7,002 केस डायरी
* 272 अपराध विवरण फार्म
* 379 गिरफ्तारी पत्रक
* 635 अभियुक्त सूचना पत्र
* 532 प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियां
* 464 एमएलसी प्रविष्टियां
* 03 मर्ग जांच पत्रक
स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा
एसपी अमित कुमार ने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से विवेचना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ई-विवेचना प्रणाली के माध्यम से अनुसंधानकर्ता घटनास्थल पर ही आवश्यक कार्रवाई पूरी कर सकेंगे, जिससे कागजी कार्यवाही में कमी आएगी और जांच अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनेगी।