इंदौर, 10 जून(खबरबाबा. कॉम)। इंदौर लोकायुक्त एसपी डॉ राजेश सहाय द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार सुबह लोकायुक्त पुलिस की टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (डिप्टी डायरेक्टर) के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक जांच में उनके पास आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिलने का दावा किया गया है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश सहाय को प्राप्त सूत्र सूचना के आधार पर की गई तस्दीक में सामने आया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (डिप्टी डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल ने अपने लगभग 30 वर्ष के सेवाकाल के दौरान आय की तुलना में काफी अधिक संपत्ति अर्जित की है। सत्यापन में प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति पाए जाने पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
लोकायुक्त पुलिस ने विशेष न्यायालय इंदौर से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद बुधवार सुबह 6 बजे उनके विभिन्न ठिकानों पर छापामार कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो उनके मकान, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर सहित अन्य परिसरों में दस्तावेजों एवं संपत्तियों की जांच कर रही हैं।
ढाई करोड़ की आय के मुकाबले साढ़े नौ करोड़ की संपत्ति
लोकायुक्त पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार वर्ष 1996 से सेवा में रहे कंडवाल की वेतन एवं वैध स्रोतों से प्राप्त आय लगभग 2.5 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि अब तक सत्यापित संपत्तियों का मूल्य करीब 9.5 करोड़ रुपए पाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह उनकी ज्ञात आय से 241 प्रतिशत अधिक है।
करोड़ों की संपत्तियां जांच के दायरे में
प्रारंभिक जांच में सामने आई संपत्तियों में स्कीम नंबर-103 में 252 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर लगभग 13,500 वर्गफीट निर्मित भवन शामिल है। भवन की तीन मंजिलों पर व्यवसायिक परिसर संचालित हैं, जबकि ऊपरी मंजिल पर कंडवाल परिवार निवासरत है।इसके अलावा स्कीम नंबर-140 में करीब 1000-1000 वर्गफीट के दो प्लॉट तथा पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से लगे तारपुरा, बेकलाय और बनेड़िया सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 11 अलग-अलग भूखंड भी जांच के दायरे में हैं।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार तलाशी कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।