रतलाम, 18 जुलाई (खबरबाबा.कॉम)। बड़ावदा पुलिस ने हत्या के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज 12 घंटे के भीतर चारों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल एवं प्रभारी एसडीओपी जावरा युवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस के अनुसार 17 जुलाई को ग्राम लसुडिया जंगली में पुराने मकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपी अजय, मंजु, साईता और भागवंताबाई ने कमलाबाई बागरी (70), रविना और काजल के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। मारपीट के दौरान कमलाबाई बेहोश होकर गिर गईं। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जावरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद थाना बड़ावदा में धारा 103(1), 296(ए), 115(2) एवं 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल से मिली तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया और बाद में शेष तीन महिला आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चारों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
अजय (26), निवासी ग्राम लसुडिया जंगली, थाना बड़ावदा।
भागवंताबाई (45), निवासी ग्राम लसुडिया जंगली, थाना बड़ावदा।
मंजु (22), निवासी ग्राम खोखरा, थाना सैलाना, हाल निवासी ग्राम लसुडिया जंगली।
साईता (19), निवासी ग्राम लसुडिया जंगली, थाना बड़ावदा।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष चौरसिया, उपनिरीक्षक एम.एल. बड़ोदिया, सहायक उपनिरीक्षक शिवजी यादव, प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह तोमर, आरक्षक गोपाल सिंह सोनगरा, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक मयंक व्यास तथा चौकी सुखेड़ा के आरक्षक प्रेम मीणा एवं आरक्षक जितेंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।