रतलाम, 16 जुलाई(खबरबाबा. कॉम)।जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने गुरुवार को नवीन पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के सभी थाना क्षेत्रों की कानून व्यवस्था, गंभीर अपराधों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य और सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश पंद्रो, एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, एसडीओपी किशोर पाटनवाला, युवराज सिंह चौहान, संदीप मालवीय, नीलम बघेल, पल्लवी गौर, डीएसपी अजय सारवान, उप पुलिस अधीक्षक अनिशा जैन सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान पिछली अपराध समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई। साथ ही गंभीर अपराधों की विवेचना, लंबित अपराध, लंबित मर्ग, अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी तथा विभिन्न थाना क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों की स्थिति पर चर्चा की गई। जिन क्षेत्रों में अपराधों में वृद्धि दर्ज हुई है, वहां कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान गंभीर संपत्ति संबंधी अपराध, चिह्नित एवं लंबित प्रकरण, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई, अवैध मादक पदार्थ एवं अवैध शराब के खिलाफ अभियान, ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुम एवं अपहृत नाबालिगों की दस्तयाबी तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की विशेष रूप से समीक्षा की गई।
इन मुद्दों पर दिए सख्त निर्देश
बैठक में एसपी अमित कुमार ने सभी अधिकारियों को लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण के लिए विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए। साइबर ठगी के मामलों में तत्काल कार्रवाई कर ठगी गई राशि होल्ड कराने, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और आमजन को जागरूक करने के लिए नियमित सेमिनार आयोजित करने को कहा।
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित वैधानिक कार्रवाई, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान, सीएम हेल्पलाइन और अन्य शिकायतों के समयबद्ध निराकरण, फरार एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने तथा आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसके साथ ही थाना प्रभारियों को सामुदायिक पुलिसिंग के तहत अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जनसंवाद आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने और पुलिस-जनता के बीच विश्वास बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।