रतलाम, 26 सितंबर (खबरबाबा.कॉम)। सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय ने फिक्की समर्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘अराइज अवॉर्ड’ अपने नाम किया है। ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में विद्यालय को देशभर में प्रथम स्थान मिला।
पुरस्कार फिक्की के अराइज लर्निंग फेस्टिवल 2026 के दौरान नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में विद्यालय के उप प्राचार्य एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेन्द्र सिंह राठौर ने प्राप्त किया। उन्हें ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
पुरस्कार समारोह में फिक्की के सीनियर डायरेक्टर डॉ. राजेश पंकज, अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद पैट्रिक दरहम और निकोले बेंचार्ड तथा अराइज के अध्यक्ष डॉ. अरुणभ सिंह उपस्थित रहे। फिक्की समर्थित अराइज फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शिखर धवन और अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग के मिशन डायरेक्टर डॉ. दीपक बागला ने भी अलग-अलग सत्रों को संबोधित किया।
तीन चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद मिली राष्ट्रीय सफलता
अराइज अवॉर्ड के लिए विद्यालय को तीन चरणों की चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। पहले चरण में संस्था में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए संचालित विभिन्न प्रकल्पों, उनके निरंतर क्रियान्वयन और परिणामों को दर्ज किया गया। दूसरे चरण में संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
तीसरा चरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित हुआ। इसमें विद्यालय के ‘टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल’ का राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के समक्ष प्रस्तुतीकरण उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने किया। उन्होंने विद्यालय में विकसित ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल के माध्यम से शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास की प्रक्रिया और उसके परिणामों को प्रस्तुत किया।
इस चयन प्रक्रिया के पहले चरण में देशभर के 700 से अधिक विद्यालयों ने हिस्सा लिया था। विभिन्न श्रेणियों में चयनित 63 विद्यालय तीसरे चरण तक पहुंचे, जहां उनके कार्यों का प्रस्तुतीकरण और प्रश्नोत्तर सत्र हुआ।
शिक्षकों के सतत विकास पर केंद्रित है मॉडल
उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय विनोबा में शिक्षक व्यावसायिक विकास के लिए ऐसा दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है, जिसमें देश-दुनिया के अग्रणी विद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा कर सीखने और उन्हें विद्यालय की जरूरतों के अनुसार लागू करने पर जोर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें सतत व्यावसायिक विकास के माध्यम से शिक्षक निरंतर सीखें, प्रयोग करें और अपने शिक्षण अभ्यास को बेहतर बनाते रहें। विद्यालय में शिक्षकों को बदलाव के वाहक बनाने के साथ प्रशंसा और सीखने की संस्कृति को भी निरंतर मजबूत किया जा रहा है।
विद्यालय अब सभी शिक्षकों के लिए शिक्षण प्रक्रिया में स्व-गति आधारित एआई उपकरणों के एकीकरण की दिशा में भी काम कर रहा है। ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ के साथ ‘द जेन सा मॉडल’, ‘ब्रूडिंग इफेक्ट’ और ‘शिक्षा एकीकरण मॉडल’ जैसे नवाचारों को भी विद्यालय की विकास यात्रा में जोड़ा जा रहा है।
संस्था की प्राचार्य संध्या वोरा ने शिक्षक विकास मॉडल की निरंतरता, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय स्तर पर उसके प्रभाव को उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।
पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है पहचान
सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम इससे पहले भी शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। वर्ष 2024 में विद्यालय ने नवाचार श्रेणी में विश्व के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का 10 हजार डॉलर का अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया था। विद्यालय को दक्ष विद्यालय के रूप में राज्य शिक्षा केंद्र का मेडल और आईएसओ अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके अलावा विद्यालय को प्रदेश में ‘लाइट हाउस’ का दर्जा प्राप्त है।
विद्यालय की शिक्षण प्रक्रियाओं और नवाचारों को समझने के लिए प्रदेश के 45 से अधिक विद्यालयों के 100 से अधिक शिक्षक और प्राचार्य यहां आ चुके हैं।
अधिकारियों और शाला प्रबंधन समिति ने दी बधाई
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी, योजना अधिकारी जितेंद्र जोशी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय मीणा, उपाध्यक्ष कमल पाटीदार सहित समिति सदस्यों ने टीम विनोबा को बधाई दी।
उन्होंने प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर सहित विद्यालय की टीम के सदस्यों व सपोर्ट स्टाफ की सराहना की। विद्यालय की टीम में वंदना सोवणचा, भावना रावत, अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, अजय मरमट, हीना शाह, बिंद्राक्षी पवार, ज्योति मंडलोई, सुनीता पवार, रुपाली जैन, मनीषा चौधरी, सरिता राजपुरोहित, माधुरी तलेरा, कविता वर्मा, आशीष सोलंकी, पिंकी सोलंकी, राजाराम सेकवाडिया, साक्षी सोलंकी, प्राची पुरोहित, प्रशांत वसुनिया, प्रहलाद बैरागी, अमित झा, प्रदीप वैष्णव, अमन सिंह राठौर, हर्षिता सोलंकी, अनीता शर्मा, शोभा ओझा, प्रतिभा तिवारी, साक्षी शर्मा, हरिओम कौशल, जया सोलंकी, लक्ष्मी वर्मा, विकास शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, सुनील मूवेल, श्यामा वर्मा, पारुल कागदी, शिक्षा जगरवाल, विनीता बघेल, संतोष पाल, जितेंद्र सिंह, गोवर्धन डामोर, श्यामा सोलंकी, रेशमा नवाज सहित अन्य शामिल हैं।