रतलाम, 23 सितंबर (खबरबाबा.कॉम)। जिले के रिंगनोद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया जोधा में भजन संध्या के दौरान स्टेज पर चढ़ने से रोकना इतना विवादित हो गया कि मामला पुलिस टीम पर हमले तक पहुंच गया। युवक अपने परिजनों के साथ पुलिस के सामने पहुंचा और गाली-गलौच करते हुए पुलिस दल पर पथराव कर दिया। हमले में रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद सहित पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्टेज पर चढ़ने से रोका तो युवक ने दी धमकी
घटना 22 सितंबर की रात डोल ग्यारस पर्व के अवसर पर आयोजित भजन संध्या के दौरान हुई। माननचौकी क्षेत्र के ग्राम पिपलिया जोधा में शासकीय माध्यमिक विद्यालय के पास कार्यक्रम चल रहा था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए माननखेड़ा पुलिस चौकी के आरक्षक घनश्याम कुमावत और संतोष की ड्यूटी लगाई गई थी।
पुलिस के अनुसार रात करीब 11 बजे गांव का सुनील पिता रामसुख भजन संध्या के मंच पर चढ़ गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने उसे मंच से नीचे उतरने के लिए कहा, जिस पर वह नाराज हो गया और विवाद करते हुए शोर-शराबा करने लगा।
मौके पर पहुंचे आरक्षक घनश्याम कुमावत और संतोष ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। पुलिस के अनुसार सुनील ने जाते समय कथित तौर पर ‘रुको, तुम्हें बताता हूं’ कहकर वहां से चला गया। आरक्षक घनश्याम कुमावत ने तत्काल इसकी सूचना रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद को दी।
कुछ देर बाद परिजनों के साथ पहुंचा, पुलिस पर बरसे पत्थर
पुलिस के अनुसार सूचना मिलने के बाद रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद और माननखेड़ा चौकी प्रभारी राजेश मालवीय पुलिस बल के साथ पिपलिया जोधा पहुंचे। पुलिस दल शासकीय विद्यालय की बाउंड्रीवाल के पास खड़ा था, तभी सुनील अपने भाई दिलीप और जितेंद्र, पिता रामसुख, मां धाबूपाई तथा कैलाश पिता भगवतीलाल और अर्जुन पिता रामप्रसाद के साथ वहां पहुंच गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने गाली-गलौच शुरू कर दी और हाथों में पत्थर लेकर पुलिस दल पर पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों को चोटें
पथराव में आरक्षक नरेंद्र सिंह हाड़ा के सिर में पत्थर लगा, जिससे खून निकलने लगा। थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के सिर और कमर के पीछे चोट आई। आरक्षक अनिल डांगी की पीठ पर चोट लगी।
इसी दौरान कैलाश और अर्जुन ने आरक्षक घनश्याम कुमावत के साथ लकड़ी से मारपीट की। इससे उनके दाहिने हाथ की कलाई और बाएं हाथ के पंजे में चोट आई। प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह के बाएं पैर में पत्थर लगा और उनके साथ झूमाझटकी भी की गई।
ग्रामीणों ने किया बीच-बचाव
पुलिस टीम पर हमले की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सरपंच प्रतिनिधि कालूराम कुमावत, भारतदास बैरागी, धर्मेंद्र पाटीदार और जुझारलाल पाटीदार सहित अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।घायल थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों का जावरा के सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया गया।
सात आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस
पुलिस ने मामले में सुनील, दिलीप, जितेंद्र, रामसुख, धाबूपाई, कैलाश और अर्जुन के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 132, 191(2) और 296-ए के तहत प्रकरण दर्ज किया है।थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के अनुसार सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।