रतलाम, 25 सितंबर (खबरबाबा.कॉम)। शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों में आवासीय भूखंड और भवनों का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। बोर्ड के संपदा अधिकारी ने संबंधित भूखंडधारियों को नोटिस जारी कर सात दिन में आवासीय संपत्तियों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि तय अवधि में गतिविधियां बंद नहीं की गईं तो लीज निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि करीब 10 दिन पूर्व जारी किए गए नोटिस को अंतिम चेतावनी के तौर पर लिया जा रहा है। इससे पहले भी जून और अगस्त में संबंधित भूखंडधारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब तीसरी बार जारी नोटिस में व्यावसायिक गतिविधियां तत्काल बंद कर इसकी सूचना हाउसिंग बोर्ड कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नजर
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा विकसित अलकापुरी, जवाहर नगर, दीनदयाल नगर, टाटानगर, गंगासागर, रत्नपुरी और विनोबा नगर सहित शहर की प्रमुख कॉलोनियों में बड़ी संख्या में आवासीय भूखंड और भवन हैं। इनमें कई स्थानों पर लंबे समय से दुकान, कार्यालय, संस्थान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
बोर्ड की कार्रवाई का दायरा बढ़ने पर ऐसे भूखंडधारियों पर सीधा असर पड़ सकता है। अनुमान है कि शहर में 3 हजार से अधिक भूखंडधारी इस प्रक्रिया से प्रभावित हो सकते हैं।
बोर्ड ने नोटिस में लीज की शर्तों और संपत्ति के निर्धारित उपयोग के अनुरूप ही भूखंड एवं भवन का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। यानी जिस संपत्ति का आवंटन आवासीय उपयोग के लिए हुआ है, उसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जाने पर अब कार्रवाई की जाएगी।
रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर न्यायिक आदेशों के बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है। भोपाल में हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर कार्रवाई शुरू होने के बाद अब प्रदेश के अन्य शहरों में भी आवासीय संपत्तियों के उपयोग की जांच और नोटिस की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में रतलाम में हाउसिंग बोर्ड ने संबंधित भूखंडधारियों को नोटिस जारी किए हैं।
शहर में व्यावसायिक उपयोग का मामला केवल हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों तक सीमित नहीं है। तत्कालीन नगर सुधार न्यास और वर्तमान में नगर निगम की विकास शाखा द्वारा विकसित टीआईटी रोड कॉलोनी, डोंगरे नगर, कस्तूरबा नगर सहित कई क्षेत्रों में भी आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं।हालांकि, फिलहाल नगर निगम को इस संबंध में कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में शासन अथवा सक्षम स्तर से निर्देश मिलने पर नगर निगम क्षेत्र की आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर भी इसी तरह की जांच और कार्रवाई की जा सकती है।