रतलाम, 7अक्टूबर (खबरबाबा.कॉम)। हरमाला रोड स्थित पुरानी फूल मंडी की 0.09 हेक्टेयर जमीन को लेकर नगर निगम और पुलिस-प्रशासन आमने-सामने की स्थिति में नजर आ रहा है। जमीन को पुलिस विभाग को आवंटित किए जाने के तत्कालीन कलेक्टर के आदेश पर नगर निगम की महापौर परिषद (एमआईसी) ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसके खिलाफ सक्षम न्यायालय में अपील दायर करने का फैसला किया है।इस मामले को लेकर बीती शाम महापौर ने सीएम से भी मुलाकात की।
महापौर प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई एमआईसी की बैठक में बताया गया कि नगर निगम (नगर सुधार न्यास) योजना क्रमांक-24 हरमाला रोड की उक्त भूमि निगम स्वामित्व की है। यहां पहले सब्जी मंडी और बाद में फूल मंडी संचालित होती थी। निगम के अनुसार वर्तमान में भी भूमि पर उसका आधिपत्य है और यहां फल-सब्जी के फुटकर व्यापारियों के लिए व्यवस्थित बाजार विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
दूसरी ओर, मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग के निर्देशों के तहत नजूल भूमि निवर्तन प्रक्रिया में रतलाम शहर तहसील के पटवारी हल्का नंबर 0067, कस्बा रतलाम स्थित सर्वे नंबर 514 की 0.09 हेक्टेयर शासकीय भूमि पुलिस अधीक्षक रतलाम के लिए आवंटित की जा चुकी है। तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला नजूल निर्वर्तन समिति की अध्यक्ष मिशा सिंह ने 25 मई 2026 को इसका आदेश जारी किया था। पुलिस विभाग द्वारा यहां पुलिस चौकी के लिए कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में यहां अस्थाई पुलिस चौकी बन भी चुकी है। शासकीय रिकॉर्ड में जमीन नजूल की बताई जा रही है
निगम बोला- जमीन पर हमारा कब्जा
एमआईसी ने बैठक में कहा कि भूमि पर निगम का कब्जा बरकरार है और आवंटित दुकानदारों की लीज अवधि भी वर्ष 2044 तक बढ़ाई जा चुकी है। ऐसे में निगम ने आवंटन आदेश को चुनौती देने का निर्णय लिया है। परिषद ने निगम आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि भूमि पर निगम का कब्जा बरकरार रखा जाए तथा इसके नामांतरण और भवन अनुज्ञा की अनुमति नहीं दी जाए।
अब बिना महापौर की मंजूरी एनओसी भी नहीं
बैठक में एक महत्वपूर्ण व्यापक निर्णय भी लिया गया। निगम सीमा क्षेत्र में किसी भी भूमि के आवंटन के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मांगने संबंधी पत्र अब सीधे जारी नहीं किए जाएंगे। ऐसे सभी मामलों को सात दिन के भीतर महापौर अथवा महापौर परिषद के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। निगम यह भी देखेगा कि संबंधित भूमि पर उसकी कोई योजना या विकास कार्य प्रस्तावित तो नहीं है।