रतलाम, 30अक्टूबर (खबरबाबा. कॉम)। लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने शुक्रवार शाम जावरा उप वनमंडल कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए डिप्टी रेंजर कमल देवड़ा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। डिप्टी रेंजर पर जलाऊ लकड़ी से भरा ट्रक छोड़ने और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। शुरुआत में 2 लाख रुपए की मांग की गई थी, बाद में 65 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था।
ट्रक पकड़ने के बाद शुरू हुआ रिश्वत का खेल
लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के अनुसार, आवेदक रहीश खां पिता अमीर शाह निवासी ग्राम शक्करखेड़ी, तहसील पिपलोदा ने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त एसपी उज्जैन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि करीब 5 से 7 दिन पहले वह रतलाम जिले के कालूखेड़ा क्षेत्र से ट्रक में जलाऊ लकड़ी लेकर जा रहा था। लकड़ी ईंट भट्ठे में आग जलाने के लिए ले जाई जा रही थी। इसी दौरान डिप्टी रेंजर की टीम ने ट्रक रोक लिया। आरोप है कि ट्रक छोड़ने और केस नहीं बनाने के बदले 2 लाख रुपए मांगे गए। रकम नहीं देने पर प्रकरण में फंसाने की धमकी भी दी गई। बाद में बातचीत के बाद 65 हजार रुपए में सौदा तय हुआ।
ऑफिस में जेब में रखे 20 हजार, तभी पहुंच गई टीम
शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार शाम ट्रैप की योजना बनाई। शाम करीब 6:30 बजे आवेदक रिश्वत की रकम लेकर डिप्टी रेंजर के कार्यालय पहुंचा। करीब पौने 7 बजे कमल देवड़ा ने 20 हजार रुपए लेकर अपनी जेब में रख लिए। आवेदक का इशारा मिलते ही पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
10 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
लोकायुक्त की इस कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक शिव कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार और उमेश जाटव सहित 10 सदस्यीय टीम शामिल रही। मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।