रतलाम, 22 जुलाई(खबरबाबा. कॉम)। जावरा विधानसभा क्षेत्र के लिए खेल सुविधाओं को लेकर बड़ी घोषणा सामने आई है। विधानसभा में विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय के प्रश्न के जवाब में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि जावरा नगर में आउटडोर एवं इंडोर खेल स्टेडियम के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
खेल मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जावरा प्रवास के दौरान दोनों स्टेडियमों की घोषणा की थी। वर्तमान में इसकी प्रशासनिक स्वीकृति एवं भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। भूमि आवंटित होते ही निर्माण कार्य की आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार पिपलौदा में भी 10 एकड़ भूमि का आवंटन होने के बाद खेल स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
ग्रामीण खिलाड़ियों को मिल रहा प्रोत्साहन
विधायक डॉ. पांडेय के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विकासखंड स्तर पर नियमित खेल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश में 18 खेलों के लिए संचालित 11 खेल अकादमियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
66 स्थानों पर शांतिवन और विश्राम शेड स्वीकृत
विधायक डॉ. पांडेय द्वारा पूछे गए एक अन्य प्रश्न के उत्तर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जावरा एवं पिपलौदा विकासखंड के 66 स्थानों पर शांतिवन एवं परिजन विश्राम शेड निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 34 कार्य विधायक निधि से स्वीकृत किए गए हैं।
जिले में 791 सहकारी संस्थाएं, 381 निष्क्रिय
सहकारिता से जुड़े प्रश्न के जवाब में मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि रतलाम जिले में 791 सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हैं। इनमें 410 कार्यशील तथा 381 निष्क्रिय हैं। जिले में 116 कृषि सहकारी समितियां हैं, जिनमें करीब 1.16 लाख सदस्य जुड़े हैं, जबकि 75 गृह निर्माण सहकारी समितियों में 4,994 सदस्य हैं। पिछले दस वर्षों में कृषि साख सहकारी संस्थाओं के विरुद्ध 78 तथा गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के विरुद्ध 96 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
बहु उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र में जल उपलब्धता की तैयारी
विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जावरा के बहु उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। औद्योगिक परिसर में आंतरिक पाइपलाइन, सम्पवेल तथा ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही निवेशकों को अस्थायी जल प्रदाय की अनुमति भी दी जा रही है।