रतलाम, 17 अगस्त(खबरबाबा. कॉम)। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए कलेक्टर अजय कटेसरिया ने विकेंद्रीकृत जनसुनवाई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब जिले में 7 अलग-अलग केंद्रों पर हर मंगलवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनसुनवाई होगी। प्रशासन का फोकस स्थानीय स्तर पर ही अधिक से अधिक मामलों का त्वरित और प्रभावी निराकरण करने पर रहेगा।
नई व्यवस्था के तहत नगर निगम रतलाम, रतलाम अनुविभाग कार्यालय, सैलाना अनुविभाग कार्यालय, बाजना जनपद पंचायत, जावरा अनुविभाग कार्यालय, पिपलौदा जनपद पंचायत और आलोट अनुविभाग कार्यालय को जनसुनवाई केंद्र बनाया गया है।
एसडीएम करेंगे जनसुनवाई का नेतृत्व
नगर निगम क्षेत्र की जनसुनवाई का नेतृत्व नगर निगम आयुक्त करेंगे। रतलाम, सैलाना, जावरा और आलोट अनुविभाग कार्यालयों में संबंधित एसडीएम जनसुनवाई करेंगे। सैलाना और जावरा के एसडीएम एक सप्ताह अपने कार्यालय और अगले सप्ताह क्रमशः बाजना और पिपलौदा जनपद पंचायत कार्यालय में स्वयं उपस्थित रहकर जनसुनवाई करेंगे। उनकी अनुपस्थिति वाले सप्ताह में निर्धारित अधिकारी जनसुनवाई संचालित करेंगे।
कई विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद
जनसुनवाई में संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ के साथ राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, विद्युत सहित अन्य विभागों के सक्षम अधिकारी मौजूद रहेंगे। जरूरत के अनुसार जिला स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी भी विभिन्न केंद्रों पर लगाई जाएगी।
आवेदन की पावती मिलेगी, मौके पर होगा समाधान
हर शिकायत और आवेदन का पंजीयन किया जाएगा और आवेदक को पावती दी जाएगी। जिस समस्या का समाधान मौके पर संभव होगा, उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा। जिन मामलों में जांच या रिकॉर्ड की जरूरत होगी, उनमें स्पष्ट समय-सीमा और जिम्मेदार अधिकारी तय किया जाएगा।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि सिर्फ आवेदन को दूसरे कार्यालय में भेज देना निराकरण नहीं माना जाएगा। जिस मामले का समाधान तहसील, विकासखंड, जनपद पंचायत, नगर निगम या संबंधित विभाग के स्तर पर संभव है, उसे अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय नहीं भेजा जाएगा।
गांवों और शहरों में होगा प्रचार-प्रसार
सभी जनसुनवाई केंद्रों के स्थान और समय की जानकारी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, लोक सेवा केंद्रों और अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुंचाई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही सक्षम अधिकारी उपलब्ध हों और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।