रतलाम,6सितम्बर(खबरबाबा. कॉम)। जिले में राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की बड़ी संख्या में लंबित शिकायतों को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व अधिकारियों पर सख्ती दिखाई है। वर्तमान में राजस्व विभाग से संबंधित करीब 1800 शिकायतें लंबित हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी दो माह में लंबित शिकायतों की संख्या 1000 से कम लाई जाए और शिकायतों का केवल औपचारिक नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।
राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन स्थिति अभी संतोषजनक नहीं है। एक माह पहले जिले की राजस्व रैंकिंग 48वें स्थान पर थी, जो सुधरकर अब 29वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने अधिकारियों को अगले दो माह में जिले को टॉप-10 में लाने के लिए पूरी गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।
बंटवारा और अभिलेख दुरुस्ती के मामलों में प्रगति कम
बैठक में नामांतरण, बंटवारा और अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि नामांतरण के मामलों में तेजी आई है, लेकिन बंटवारा एवं अभिलेख दुरुस्ती के लंबित मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन में भी स्थिति सुधारने के निर्देश
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग पहले 52वें स्थान पर थी, जो सुधार के बाद अब 32वें स्थान पर पहुंची है। कलेक्टर ने इसे भी संतोषजनक नहीं मानते हुए अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों को सिर्फ कागजों में बंद करने के बजाय शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतुष्टिपूर्ण समाधान किया जाए।
लापरवाही मिली तो कलेक्टर नहीं करेंगे बचाव
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि शासन के संज्ञान में शिकायत आने के बाद कोई भी अधिकारी कार्रवाई से बचाव की उम्मीद कलेक्टर से नहीं रखे। यदि किसी शिकायत में अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो वे स्वयं संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
ग्रीनफील्ड मार्ग में जीरो टॉलरेंस
बैठक में जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग के निर्माण और भूमि संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि यह राज्य शासन की प्राथमिकता का महत्वपूर्ण मार्ग है और सिंहस्थ मार्च 2028 से पहले इसे चालू किया जाना है।
उन्होंने भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए। मुआवजा लेने से इनकार करने वाले भूमि स्वामियों की राशि नियमानुसार धारा 77 के तहत न्यायालय में जमा कराने तथा निर्माण कार्य में व्यवधान पैदा करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत, एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।