रतलाम, 28 सितंबर (खबरबाबा.कॉम)। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में रतलाम पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को अब तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने तक पहुंचा दिया है। पुलिस की कार्रवाई में दो अलग-अलग प्रकरणों में नशा तस्करों और उनके परिजनों से जुड़ी करीब 3.78 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेशों की SAFEMA/NDPSA सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने पुष्टि कर दी है। इनमें बिलपांक के एक तस्कर की करीब 3.30 करोड़ रुपये की संपत्ति और जावरा क्षेत्र के तस्कर की करीब 48 लाख रुपये की कृषि भूमि शामिल है।
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजना नहीं, बल्कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन और उससे बनाई गई संपत्तियों पर भी कानूनी शिकंजा कसना है।
1623 किलो डोडा चूरा मामले में 48 लाख की कृषि भूमि फ्रीज
थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस ने आरोपी रईस पिता शाबिर खान मेवाती, निवासी ग्राम उमटपालिया की संपत्तियों की फ्रीजिंग के लिए प्रस्ताव भेजा था। आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2013 के प्रकरण में NDPS एक्ट की धारा 8/15, 25 एवं 29 के तहत 1623.300 किलोग्राम डोडा चूरा जब्त किया गया था। आरोपी को 29 जून 2017 को गिरफ्तार किया गया था और विशेष न्यायाधीश NDPS, जावरा ने उसे 15 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था।
पुलिस जांच में आरोपी के लंबे समय से मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त होने तथा तस्करी से अर्जित आय से संपत्तियां खरीदने की जानकारी सामने आई। सक्षम प्राधिकारी के समक्ष वैध आय का स्रोत सिद्ध नहीं किए जाने के बाद ग्राम उमटपालिया स्थित तीन कृषि भूमियों, जिनकी कुल कीमत करीब 48 लाख रुपये है, की फ्रीजिंग की पुष्टि की गई।
81 किलो डोडा चूरा वाले तस्कर की 3.30 करोड़ की संपत्ति पर रोक
दूसरी कार्रवाई थाना बिलपांक पुलिस के प्रकरण में हुई। आरोपी दिनेश पिता गिरधारी लाल, को 81 किलोग्राम डोडा चूरा के साथ 28 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/15, 25 एवं 29 के तहत कार्रवाई की गई थी। विशेष न्यायाधीश NDPS, रतलाम ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस जांच में आरोपी के लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त होने तथा पंजाब और राजस्थान तक नेटवर्क होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपी एवं उसके परिवार की संपत्तियों के संबंध में कोई ज्ञात वैध आय स्रोत नहीं पाया गया।इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने करीब 3.30 करोड़ रुपये मूल्य की पांच संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि की। इनमें चार कृषि भूमियां और 111.48 वर्गमीटर का आवासीय मकान शामिल है।
आर्थिक नेटवर्क पर सीधा वार
रतलाम पुलिस के अनुसार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई अब केवल गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित नहीं है। तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार फ्रीजिंग की कार्रवाई की जा रही है, ताकि अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ पर भी रोक लगाई जा सके।
एसपी अमित कुमार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राकेश पन्द्रो के मार्गदर्शन में डीएसपी प्रकाश गडरिया, थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र जावरा निरीक्षक अय्यूब खान, उप निरीक्षक दिनेश नागर, प्रधान आरक्षक मनीषा पाटीदार, आरक्षक सुनीता जाट और राकेश प्रजापत की भूमिका रही।