इंदौर,29सितम्बर(खबरबाबा. कॉम)। कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त इंदौर ने एसपी डॉ राजेश सहाय के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। मामले में तहसीलदार सहित दो पटवारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
लोकायुक्त के अनुसार, कसरावद बड़ी निवासी पुनीत नाड़ीवाल ने 25 सितंबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम सतावड़, तहसील सेगांव में उनकी पत्नी ममता नाड़ीवाल के नाम कृषि भूमि है, जिसका नामांतरण कराया जाना था।
शिकायतकर्ता ने नामांतरण के संबंध में तहसीलदार सेगांव अंतरसिंह कनेश से संपर्क किया। आरोप है कि तहसीलदार ने संबंधित पटवारी से बात करने के लिए कहा। इसके बाद हलका पटवारी खुमसिंह धारवे से संपर्क करने पर दो लाख रुपए रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत लोकायुक्त से की गई।
सत्यापन के बाद बिछाया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर डॉ राजेश सहाय के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद 28 सितंबर को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
लोकायुक्त टीम ने खरगोन में शारदा हॉस्पिटल के पास ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी पटवारी खुमसिंह धारवे को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
तहसीलदार सहित तीन पर मामला दर्ज
लोकायुक्त ने खुमसिंह धारवे, पटवारी हलका नंबर-5 ग्राम दसनावल, तहसील कसरावद; कुलदीप यादव, पटवारी हलका नंबर-26 ग्राम पनाली, तहसील सेगांव तथा अंतरसिंह कनेश, तहसीलदार सेगांव के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 एवं धारा 61(2) बीएनएस 2023 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई।
ट्रैप दल में निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक विजय, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह, आशीष नायडू, चंद्रमोहन बिष्ट, मनीष माथुर और श्रीकृष्ण अहिरवार शामिल रहे।