रतलाम, 8 अक्टूबर (खबरबाबा.कॉम)। रतलाम में पहली बार गिरनार तीर्थ की भव्य रचना साकार की गई है। श्री देवसुर तपागच्छ चारथुई श्रीसंघ, गुजराती उपाश्रय एवं श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेतांबर पेढ़ी के तत्वावधान में, परम पूज्या साध्वी श्री हेमप्रज्ञाश्रीजी म.सा. की पावन निश्रा एवं प्रेरणा से श्री करमचंदजी उपाश्रय, हनुमान रुंडी के पीछे इस विशेष धार्मिक आयोजन का आयोजन किया जा रहा है।
मुंबई और इंदौर के कारीगरों ने 10 दिनों से अधिक समय तक अथक मेहनत कर गिरनार महातीर्थ की आकर्षक एवं भव्य प्रतिकृति तैयार की है। इसमें गिरनार तीर्थ की तलेटी, सहसावन सहित पंच तीर्थों की रचना के साथ भगवान श्री नेमिनाथजी परमात्मा की हु-ब-हु प्रतिमा तथा श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु की हु-ब-हु प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
2 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक नव्वाणु यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 99 यात्रा आराधक प्रतिदिन गिरनार तीर्थ की यात्रा कर रहे हैं। आयोजन में अब तक 400 से अधिक आराधक नव्वाणु यात्रा का लाभ ले चुके हैं।
आयोजन के तहत प्रतिदिन प्रातः 8 बजे भगवान श्री नेमिनाथजी परमात्मा का भव्य अभिषेक एवं पूजन किया जा रहा है। इसके बाद सायंकाल भक्ति और भव्य आरती का आयोजन होता है।
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन सभी धर्मालुजनों के लिए खुला है। श्रद्धालु प्रातः से रात्रि तक गिरनार महातीर्थ की रचना के दर्शन एवं वंदन का लाभ ले सकते हैं।
आयोजक श्रीसंघ ने धर्मालुजनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर गिरनार महातीर्थ की भव्य रचना, तलेटी, सहसावन, पंच तीर्थों तथा भगवान श्री नेमिनाथजी और श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु की हु-ब-हु प्रतिमाओं के दर्शन-वंदन का लाभ लेने का आह्वान किया है।