रतलाम, 17 अक्टूबर (खबरबाबा.कॉम)। रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिवगढ़ पुलिस ने ग्राम गुंजा में एक खेत पर दबिश देकर गांजे के 880 हरे पौधे जब्त किए हैं। आरोपी ने कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे के पौधे उगा रखे थे, ताकि वे दूसरी फसलों के बीच छिपे रहें। जब्त पौधों का कुल वजन 280.65 किलोग्राम और अनुमानित कीमत 28 लाख 6 हजार 500 रुपए बताई गई है। पुलिस ने खेत से एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
मुखबिर की सूचना पर खेत में दबिश
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को थाना शिवगढ़ पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम गुंजा निवासी वीरू पिता शम्भु ने अपने खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती कर रखी है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक लिलियन मालवीय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और खेत में दबिश दी।
इस दौरान खेत में एक व्यक्ति काम करता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान वीरू पिता शम्भु पारगी, उम्र 52 वर्ष, निवासी ग्राम गुंजा, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम के रूप में हुई।
गिनती और तौल में मिले 880 पौधे
पुलिस टीम ने पंचों की उपस्थिति में आरोपी के कब्जे वाले खेत की तलाशी ली। इस दौरान कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे जैसे हरे पौधे उगे मिले। पुलिस ने पौधों की पहचान और गिनती की कार्रवाई करते हुए कुल 880 पौधे जब्त किए। इनका कुल वजन 280.65 किलोग्राम पाया गया। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत 28,06,500 रुपए आंकी गई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज
पुलिस ने आरोपी वीरू पारगी के विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस अब गांजे की अवैध खेती से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राकेश पंद्रो तथा एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक लिलियन मालवीय, उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदोरिया, उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, उपनिरीक्षक ईशाक मोहम्मद खान, प्रधान आरक्षक रघुवीरसिंह शक्तावत, प्रधान आरक्षक जितेन्द्रपालसिंह राठौर, आरक्षक मनीष खराड़ी, आरक्षक सचिन पाटीदार, आरक्षक विकास जादौन एवं महिला आरक्षक रंजिता मोदी की सराहनीय भूमिका रही।