रतलाम,20अप्रैल(खबरबाबा.काम) ।भानपुरा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे दिल्ली के एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। सूचना पर देश-विदेश में रहने वाले उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए बाबूगढ़ के गांव छपकौली स्थित आश्रम में रखा जाएगा। शाम के समय उनके पार्थिव शरीर को ब्रजघाट गंगा में जलप्रवाह किया जाएगा। स्वामीजी भारतीय संस्कृति, सनातन हिन्दू धर्म के उद्घोषक, मीमांसक होने के साथ व्यवहार में बहुत ही सहज, सरल, शांतचित्त तथा हंसमुख स्वभाव के थे ।
स्वामी दिव्यानंद तीर्थ जनपद बुलंदशहर के गांव वैरा फिरोजपुर में 4 जनवरी 1953 को रजनीकांत शर्मा के यहां हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा नागालैंड की पहाड़ियों और माध्यमिक शिक्षा उड़ीसा के भुवनेश्वर और पश्चिमी बंगाल के सैनिक स्कूल में हुई। कॉलेज की शिक्षा असम की गुवाहाटी विश्वविद्यालय में हुई। वह कोहिमा कॉलेज में कोहिमा की पत्रिका के छात्र संपादक भी थे। 1984 में चित्रकूट में स्वामी हरिश्वरानंद तीर्थ ने उन्हें सन्यास में दीक्षा दी।जनपद मुजफ्फरनगर में विष्णु आश्रम में उन्हें दंडी स्वामी के साथ विभिन्न शास्त्रों का ज्ञान दिया गया। वर्ष 1989 में वह भानपुरा पीठाधीश्वर के 11वें उत्तराधिकारी बने। पिछले काफी समय से वह बीमार चल रहे थे। उनका इलाज गुरुग्राम के मेदांता में हुआ। कुछ दिन पहले ही उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। जहां शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे अंतिम सांस ली। सूचना मिलते ही देश-विदेश में रहने वाले उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अनुयायी नवदीप ने बताया कि दोपहर में बाबूगढ़ के गांव छपकौली स्थित आश्रम में कुछ देर के लिए उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम को ब्रजघाट गंगा में जलप्रवाह किया जाएगा।
Previous Articleकानपुर के पास पूर्वा एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतरे
Related Posts
Add A Comment
Contact
- Office address :- 19, Dr. Devisingh Colony Opposite New court , Ratlam MP
- info@khabarbaba.com
-
Managed By -
Rajesh Jain
Sourabh Kothari
Samagra Jain
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 Khabarbaba. All Right Reserved Designed by Brandistan.