
रतलाम-जावरा,26अक्टूबर(खबरबाबा.काम)। जिले की जावरा विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर कांग्रेस के अंदर का घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस द्वारा पूर्व घोषित प्रत्याशी हिम्मत सिंह श्रीमाल का टिकट काटकर आलोट के वीरेंद्र सिंह सोलंकी को जावरा विधानसभा से टिकट दिया गया है। टिकट बदलने से श्रीमाल के समर्थन में जावरा ब्लॉक अध्यक्ष सहित 10 पदाधिकारियों ने इस्तीफा का ऐलान कर दिया। श्रीमाल समर्थकों ने नए प्रत्याशी सोलंकी का पुतला दहन भी किया। इसके पहले हिम्मत सिंह श्रीमाल को टिकट मिलने पर सोलंकी समर्थकों ने उनका पुतला दहन किया था।

जावरा सीट से कांग्रेस ने पहले हिम्मत सिंह श्रीमाल को प्रत्याशी घोषित किया था।लेकिन टिकट के अन्य दावेदारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। वीरेंद्र सिंह सोलंकी के समर्थकों ने श्रीमाल का पुतला दहन कर विरोध जताया था। 2 दिन पूर्व जावरा विधानसभा से कांग्रेस के प्रमुख दावेदार डी. पी. धाकड़, राजेश भरावा और वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने एक साथ होते हुए अपने समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के यहां पहुंच कर विरोध प्रदर्शन भी किया और टिकट बदलने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस ने श्रीमाल के स्थान पर विरेन्द्र सिंह सोलंकी को टिकट दे दिया।
इधर टिकट बदले जाने से हिम्मत सिंह श्रीमाल सहित समर्थक नाराज हो गए। उन्होंने कांग्रेस के इस फैसले के विरोध में बैठक की। इसमें 10 पार्षद भी शामिल हुए। बैठक में पदाधिकारियों ने जमकर नाराजगी जताई। इतना ही नहीं विरोध स्वरूप 10 पदाधिकारियों ने तो मंच से ही इस्तीफा देने का ऐलान भी कर दिया।
इसमें जावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुशील कोचट्टा, पिपलौदा अध्यक्ष दिलीप राव मंडलोई, जावरा ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमसुख पाटीदार, पुजारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष ईश्वरलाल धनगड़, कार्यवाहक अध्यक्ष संजय पाटीदार, विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंकित ललवानी, सेवादल प्रदेश सचिव मकसूद परदेशी, युवा कांग्रेस जावरा महासचिव अलताफ खान सहित अन्य शामिल हैं।
नाराज कार्यकर्ताओं ने जला दिए पुतले
श्रीमाल के स्थान पर सोलंकी को टिकट देने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोलंकी का पुतला भी फूंक दिया। हालांकि वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को ऐसा करने से रोका लेकिन वे नहीं माने।
बैठक हुई ,श्रीमाल ने यह कहा
प्रत्याशी बदलने के विरोध में हुई बैठक करीब तीन घंटे तक चली। घटनाक्रम को लेकर पूर्व प्रत्याशी हिम्मत सिंह श्रीमाल ने वीरेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्होंने 40 साल में 40 सेकंड भी कांग्रेस के खिलाफ काम नहीं किया। 1983 से लगातार 25 साल तक पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और जनपद अध्यक्ष जैसे चुनाव लड़े। कभी कोई चुनाव नहीं हारे। पूरे विधानसभा क्षेत्र में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो लगातार 25 साल तक चुनाव लड़ा हो और सभी चुनाव जीता हो।
श्रीमला ने कहा कि- वीरेंद्र सिंह ने नगर पालिका चुनाव में 8 बागी खड़े किए थे। उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्काषित किया गया था, अभी दो माह पहले ही वापसी हुई है। श्रीमाल ने आश्चर्य जताया है कि जावरा के किसी भी कांग्रेस पदाधिकारी ने उनका विरोध नहीं किया, फिर भी उनका टिकट बदल दिया गया।श्रीमाल ने 2 दिन बाद अपने पत्ते खोलने की बात कही है।
