रतलाम,13जून(खबरबाबा. कॉम)। शहर में हाल के दिनों में हुई तीन बड़ी वारदातों को सुलझाने में पुलिस के हाथ अभी तक खाली है। लाखों की चोरी, 10 लाख 75 हजार रुपए की ठगी और एक बुजुर्ग महिला को झांसे में लेकर गहने व नकदी से भरा बैग लेकर भागने जैसी घटनाओं के बावजूद पुलिस अभी तक किसी भी मामले में ठोस सफलता हासिल नहीं कर पाई है। तीनों मामलों में आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
सबसे ताजा मामला 72 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका मोहिनी रायचंदानी से जुड़ा है। स्टेशन रोड अंतर्गत शास्त्री नगर में रास्ते में रोककर बदमाशों ने उन्हें गहने पहनकर नहीं घूमने की सलाह देकर भरोसे में लिया और फिर सोने के आभूषण, मोबाइल और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।
चोरी का भी खुलासा नही
वहीं स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में दो दिन पूर्व रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित एक गोदाम में सेंध लगाकर बदमाश 8 लाख रुपए से अधिक का माल चोरी कर ले गए। चोर गोदाम का शटर और ताले तोड़कर अंदर घुसे तथा इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ खाद की बोरियां भी ले गए। इस मामले में भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
10 लाख से अधिक की ठगी, सीसीटीवी और फोन काल के बाद भी सुराग नही
इसके पहले शहर के बड़े प्लाईवुड व्यापारी को सस्ते दाम पर माल दिलाने का झांसा देकर 10 लाख 75 हजार रुपए की ठगी की गई थी। इस मामले में भी कोई सफलता नहीं मिल पाई है
लक्कड़पीठा निवासी मनीष पिरोदिया, जो प्लाईवुड का व्यापार करते हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका प्लाईवुड का सामान अक्सर यमुनानगर (हरियाणा) से आता है। 29 मई 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजेश जैन बताते हुए कहा कि वह रतलाम के कई बड़े व्यापारियों के साथ काम करता है। उसने दावा किया कि वह यमुनानगर से बाजार भाव से काफी कम कीमत पर प्लाईवुड उपलब्ध करा सकता है।
कुछ देर बाद एक अन्य मोबाइल नंबर से भी संपर्क किया गया और प्लाईवुड सप्लाई को लेकर बातचीत हुई। सौदा लाभदायक लगने पर मनीष पिरोदिया ने खरीदारी के लिए सहमति दे दी। इसके बाद कथित राजेश जैन ने फोन कर कहा कि सौदा तय हो गया है और आधी राशि उसके साथी को दे दी जाए, जबकि शेष भुगतान माल आने के बाद किया जा सकता है।
शिकायत के अनुसार 30 मई 2026 को दोपहर करीब 3.30 बजे मनीष पिरोदिया 10 लाख 75 हजार रुपये नकद लेकर लक्कड़पीठा स्थित एक दुकान पर पहुंचे। वहां एक व्यक्ति मौजूद था, जिसे राजेश जैन का साथी बताया गया था। फरियादी ने उक्त व्यक्ति को नकद राशि सौंप दी।राशि प्राप्त करने के बाद आरोपी ने फोन पर किसी से बात कर भुगतान मिलने की पुष्टि की और बिना नंबर की स्कूटी से वहां से चला गया। इसके बाद सभी मोबाइल नम्बर बंद हो गए। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया, लेकिन अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लग पाया है।
इन वारदातों में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबर जैसे साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद मामलों का खुलासा नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।