रतलाम, 3 सितंबर (खबरबाबा.कॉम)। जिला प्रशासन में शासकीय कामकाज को तेज, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने की दिशा में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने बड़ा निर्णय लिया है। अब कलेक्टर कार्यालय में अधीनस्थ कार्यालयों से भौतिक डाक अथवा कागजी फाइलें प्रेषित नहीं की जाएंगी।सभी आवश्यक प्रकरण अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस की ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से भेजे जाएंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि कलेक्टर कार्यालय तक शासकीय डाक एवं फाइलों का भौतिक आवागमन पूरी तरह बंद किया जाए। जिन मामलों में आदेश, अनुमोदन, स्वीकृति, निर्णय अथवा अन्य कार्रवाई अपेक्षित है, उन्हें ई-ऑफिस की ई-फाइल के जरिए ही प्रस्तुत करना होगा।
सिर्फ जानकारी या प्रतिवेदन के लिए भी नहीं भेजनी होगी कागजी फाइल
कलेक्टर कार्यालय अथवा किसी जिला स्तरीय कार्यालय द्वारा यदि किसी मामले में केवल जानकारी, प्रतिवेदन, तथ्यात्मक विवरण या अभिमत मांगा गया है तो उसका जवाब संबंधित शाखा या अधिकारी की अधिकृत ई-मेल आईडी पर भेजा जाएगा। इसके लिए अलग से भौतिक पत्र अथवा नस्ती भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि केवल पत्र अग्रेषित करने, जानकारी उपलब्ध कराने या सामान्य पत्राचार के लिए भी भौतिक डाक का मूवमेंट नहीं किया जाएगा। केवल अत्यंत अपरिहार्य वैधानिक परिस्थितियों को छोड़कर शासकीय कार्यवाही डिजिटल माध्यम से ही की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन में प्रत्येक शिकायत की अलग TOC
सीएम हेल्पलाइन के Special Closure संबंधी मामलों में प्रत्येक शिकायत के लिए पृथक TOC फाइल तैयार की जाएगी। संबंधित शिकायत से जुड़े आदेश-पत्रिका, प्रतिवेदन और अन्य आवश्यक दस्तावेज उसी TOC में क्रमबद्ध रूप से संलग्न कर ई-फाइल पर सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त की जाएगी।
हालांकि प्रत्येक शिकायत के लिए अलग-अलग ई-फाइल बनाने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन प्रत्येक शिकायत की TOC अलग और स्पष्ट रूप से पहचान योग्य रखना अनिवार्य होगा। सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों में नई व्यवस्था के लिए 30 सितंबर 2026 तक एक माह की संक्रमणकालीन छूट दी गई है।
अधीनस्थ कर्मचारियों को भी जानकारी देने के निर्देश
कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ शाखाओं और कर्मचारियों को भी नई व्यवस्था से अवगत कराएं। कलेक्टर कार्यालय के लिए किसी भी प्रकार की भौतिक डाक या फाइल डिस्पैच नहीं की जाए।
जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।