10मई। दुनियाभर में जारी पेट्रोल-डीजल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए पेट्रोल-डीजल बचाने को कहा है।उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के समय जो व्यवस्थाएं अपनाई थीं, फिर से उन्हें अपनाने का समय आ गया है।
पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक अनिश्चितता के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हैदराबाद में आयोजित भाजपा की एक रैली में देशवासियों से अपील करते हुए पेट्रोल और डीजल बचाने को कहा है।पीएम मोदी ने कहा कि हमने कोविड के समय कई सारी व्यवस्थाएं बना ली थीं और अब समय की मांग है कि हम उन व्यवस्थाओं को फिर से शुरू करें.
पीएम मोदी ने कहा कि ‘हमने कोरोना के समय में वर्क फ्रॉम होम की, ऑनलाइन मीटिंग्स की, वीडियो कांफ्रेंस की… ऐसी अनेक व्यवस्थाएं विकसित की और हमें आदत भी हो गई थी। आज समय की मांग ऐसी है कि उन व्यवस्थाओं को हम फिर से शुरू करें, तो वो देशहित में होगा और इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है। आज जो संकट है उसमें हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना होगा।क्योंकि दुनिया में पेट्रोल-डीजल इतना ज्यादा महंगा हो गया है, इसलिए हम सबका दायित्व है कि पेट्रोल-डीजल की खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होती है तो पेट्रोल डीजल बचाकर हमें वो मुद्रा भी बचानी है।
वैश्विक अनिश्चितता को लेकर पीएम मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ‘दुनिया कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।COVID के समय में ही, महामारी के बाद, यूक्रेन में युद्ध शुरू हो गया, जिससे दुनिया भर की समस्याएं और बढ़ गईं. खाना, ईंधन और खाद पर बहुत बुरा असर पड़ा।पिछले पांच-छह सालों से हमारी सरकार इस संकट से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है।’
उन्होंने कहा, ‘युद्ध के कारण, दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और सारी हदें पार कर गई हैं। भारत के पास तेल के बड़े भंडार नहीं हैं।हमें दूसरे देशों से बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीज़ल और गैस आयात करना पड़ता है.’
उन्होंने अपील करते हुए कहा कि ‘इस वैश्विक संकट में, हमें कुछ संकल्प लेने होंगे और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ पूरा करना होगा।एक बड़ा संकल्प है- पेट्रोल और डीजल का समझदारी से इस्तेमाल करना। हमें पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा। जिन शहरों में मेट्रो उपलब्ध है, वहां हमें ज्यादा से ज्यादा मेट्रो का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर कार से सफर करना जरूरी है, तो हमें कार-पूलिंग आजमानी चाहिए।’
इसके साथ ही विदेशी मुद्रा बचाने के लिए विदेश यात्राओं में कटौती करने की भी अपील की और एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की। इससे भी विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी।
