रतलाम,26अगस्त(खबरबाबा. कॉम)। चिकित्सा क्षेत्र की प्रतिष्ठित एवं चुनौतीपूर्ण री-नीट 2026 परीक्षा की प्रथम चरण की काउंसलिंग के परिणाम घोषित होते ही रतलाम के अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के 60 से अधिक विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट हासिल की है।
परीक्षा में आए बदलावों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच विद्यार्थियों की इस सफलता से संस्थान, विद्यार्थियों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल है। चयनित विद्यार्थियों के घरों और संस्थान परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला।
संस्थान के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत ने बताया कि इस बार री-नीट की परीक्षा विद्यार्थियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। लेकिन विद्यार्थियों के दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन और संस्थान की विशेष परीक्षा रणनीति के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिला है।
प्रथम काउंसलिंग में इन विद्यार्थियों को मिला मेडिकल कॉलेज
राजवीर सिंह, पिता जितेंद्र सिंह सोलंकी — GMC भोपाल
अर्जुन पाटीदार, पिता रामगोपाल — GMC रतलाम
पुष्कर कनौजिया, पिता जितेंद्रजी कनौजिया — ESIC इंदौर
जयवर्धन सिंह, पिता जीवन सिंह राठौड़ — GMC सिंगरौली
स्वास्ति पांडे, पिता संजय पांडे — GMC सिंगरौली
ईशान रोमड़े, पिता राजारामजी — MGM इंदौर
वंदना परिहार, पिता शंभूलाल परिहार — GMC रतलाम
अर्शन अली, पिता हैदर अली — GMC मंदसौर
*शपूजा चौहान, पिता राजू चौहान — GMC रतलाम
निर्मल कुमावत, पिता देवीलाल कुमावत — GMC नीमच
प्रेमलता पंवार, पिता धन्नालाल पंवार — GMC भोपाल
जया चारेल, पिता हीरालाल — GMC रतलाम
करण मईड़ा, पिता संजय मईड़ा — GMC विदिशा
अक्षरा डावर, पिता प्रकाश डावर — GMC रतलाम
आयुष चारेल, पिता लाल सिंह — GMC विदिशा
सागर मईड़ा, पिता बालचंद मईड़ा — GMC रतलाम
तनवीर सिंह सोलंकी, पिता जगदीशचंद्र — GMC नीमच
सेवाराम डामोर, पिता रुमाल सिंह — GMC विदिशा
राहुल नीनामा, पिता नारायण सिंह — GMC शहडोल
योगेश मईड़ा, पिता कमलेश — GMC शहडोल
लक्ष्मी नीनामा, पिता वीर सिंह — GMC सतना
योगेंद्र कटारा, पिता नारायणजी — GMC श्योपुर
रोहित डामोर, पिता थानू सिंह — GMC मंदसौर
प्रतिष्ठित निजी मेडिकल कॉलेजों में भी मिली सीट
हर्षराज पटेल, पिता अनुभव पटेल — सुखसागर मेडिकल कॉलेज, जबलपुर
जया मालवीय, पिता ओमप्रकाश मालवीय — आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन
दीक्षा कुशवाह, पिता रमेशचंद्र कुशवाह — चिरायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल
सिमरन अब्बासी, पिता अब्दुल साबिर — अमलतास मेडिकल कॉलेज, देवास
रुचिका भट्ट, पिता दिलीपजी भट्ट — RKDF मेडिकल कॉलेज, भोपाल
सुरेश बामनिया, पिता शेव सिंह — सत्य साईं मेडिकल कॉलेज, सीहोर
राहुल गणावा, पिता मिट्ठू सिंह — रामकृष्ण मेडिकल कॉलेज, भोपाल
रोहित निनामा, पिता भंवरलाल — RKDF मेडिकल कॉलेज, भोपाल
मनीषा निनामा, पिता सुरेश — RKDF मेडिकल कॉलेज, भोपाल
अंकिता सिंगाड़, पिता रमेश — अमलतास मेडिकल कॉलेज, देवास
पूनम डोडियार, पिता रामचंद्रजी — एलएन मेडिकल कॉलेज, इंदौर
इंद्रा निनामा, पिता हीरालालजी — LNCT मेडिकल कॉलेज, इंदौर
अर्पिता निनामा, पिता मांगीलालजी — LN मेडिकल कॉलेज, भोपाल
शुभम डामर, पिता राधाकिशनजी — चिरायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल
पायल कटारा, पिता नारायणजी — अरविंदो मेडिकल कॉलेज, इंदौर
नीलेश डाबी, पिता निर्मल सिंहजी — आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन
प्रियंका सोलंकी, पिता पुष्करलालजी — मानसरोवर मेडिकल कॉलेज, सीहोर
गोल्डी यादव, पिता चेतनजी — इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, इंदौर
दिशा सिसोदिया, पिता प्रकाशजी — LNCT मेडिकल कॉलेज, इंदौर
नेहा परमार, पिता विक्रमजी — LN मेडिकल कॉलेज, भोपाल
सलोनी माहौर, पिता बहादुर सिंहजी — LN मेडिकल कॉलेज, भोपाल
महेश सूर्यवंशी, पिता भंवरलालजी — LN मेडिकल कॉलेज, भोपाल
मितान्शी मालू — RKDF मेडिकल कॉलेज, भोपाल
इनके अलावा भी कई विद्यार्थियों को विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिला है।
दूसरे और तीसरे राउंड में 100 के पार पहुंच सकता है चयन
अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत ने बताया कि प्रथम काउंसलिंग में ही 60 से अधिक विद्यार्थियों को एमबीबीएस सीट मिल चुकी है। अभी काउंसलिंग के दूसरे और तीसरे चरण शेष हैं और संस्थान को उम्मीद है कि कुल चयनित विद्यार्थियों की संख्या 100 से अधिक पहुंच सकती है।
रतलाम का नाम प्रदेशभर में किया रोशन
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान के फैकल्टी सदस्यों ने चयनित विद्यार्थियों और उनके परिजनों का स्वागत किया। विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
संस्थान प्रबंधन ने कहा कि कठिन परिस्थितियों, परीक्षा के दबाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद विद्यार्थियों ने जिस धैर्य, अनुशासन और मेहनत का परिचय दिया है, उसी का परिणाम आज यह बड़ी सफलता है।इन भावी डॉक्टरों की उपलब्धि ने न केवल उनके परिवारों का सपना साकार किया है, बल्कि रतलाम जिले का नाम भी प्रदेश के शिक्षा जगत में गौरवान्वित किया है।