रतलाम, 5सितम्बर (खबरबाबा. कॉम)।जघन्य और सनसनीखेज अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मजबूत अभियोजन के दम पर रतलाम पुलिस ने इस वर्ष न्यायालय में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2026 में चिह्नित जघन्य अपराधों में न्यायालय द्वारा निराकृत प्रकरणों में 83 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को दोषसिद्ध कर कठोर सजा दिलाने में पुलिस सफल रही है। इनमें हत्या के 13 प्रकरणों में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार एसपी अमित कुमार के निर्देशन एवं एएसपी विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में जिले के जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों को चिह्नित अपराध की श्रेणी में रखते हुए उनकी विशेष, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर जोर दिया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने के साथ ही अभियोजन अधिकारियों के साथ समन्वय कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
वर्ष 2026 में रतलाम जिले में 24 जघन्य प्रकरण चिह्नित किए गए। इनमें से 19 प्रकरणों में विवेचना पूर्ण कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है, जबकि 5 प्रकरण अभी विवेचनाधीन हैं। इस दौरान न्यायालय ने 23 प्रकरणों का निराकरण किया, जिनमें 19 प्रकरणों में आरोपियों को सजा सुनाई गई।
हत्या के 13 मामलों में उम्रकैद
पुलिस की कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष हत्या के मामलों में सामने आया है। हत्या के 13 प्रकरणों में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं बलात्कार के एक प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। हत्या के प्रयास के एक प्रकरण में आरोपी को 10 वर्ष के कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों पर विशेष जोर
चिह्नित अपराधों की विवेचना में पुलिस ने घटनास्थल के वैज्ञानिक परीक्षण, फॉरेंसिक एवं एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग किया। साथ ही गवाहों के बयान एवं संरक्षण, केस डायरी के समयबद्ध संधारण तथा अभियोजन अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया।
न्यायालय में साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से लेकर अंतिम तर्क तक पुलिस एवं अभियोजन पक्ष ने समन्वित रूप से पैरवी की, जिसका परिणाम आरोपियों को मिली कठोर सजाओं के रूप में सामने आया।
पुलिस-अभियोजन के समन्वय से मिली सफलता
इन प्रकरणों में लोक अभियोजकों, विशेष लोक अभियोजकों और विवेचना अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पुलिस के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ मजबूत साक्ष्य और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के कारण अपराधियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है।
एसपी अमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता रहेगी।