खण्डवा, 24 सितंबर(खबरबाबा. कॉम)।नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 पुनासा के एक उपयंत्री को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने 14 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी उपयंत्री ने एक ठेकेदार से निर्माण कार्य के शेष भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि वापस करने के एवज में 55 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने बुधवार को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
लोकायुक्त के अनुसार आरोपी अशोक गौतम (61)नर्मदा घाटी, 28 नंबर पुनासा में उपयंत्री के पद पर पदस्थ है। कार्रवाई कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 पुनासा के कार्यालय स्थित तकनीकी कक्ष में की गई।
करीब 13 लाख का भुगतान हो चुका था
शिकायतकर्ता लखन राठौर (40), निवासी ग्राम धूलवाड़ा, तहसील सनावद, जिला खरगोन, ने 10 सितंबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उसने वर्ष 2024 में एनवीडीए पुनासा के चौकीदार कक्ष एवं जनरेटर कक्ष निर्माण का ठेका लिया था।
ठेकेदार के अनुसार उसने करीब एक वर्ष में निर्माण कार्य पूरा कर बिल भुगतान के लिए एनवीडीए कार्यालय में जमा किए थे। उसे अब तक करीब 13 लाख रुपए का भुगतान प्राप्त हो चुका था, जबकि शेष भुगतान और उसके द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि वापस किया जाना बाकी था।
आरोप है कि इसी भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने के एवज में उपयंत्री अशोक गौतम द्वारा ठेकेदार से 55 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक डॉ राजेश सहाय द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में लोकायुक्त टीम गठित की गई। बुधवार, 23 सितंबर को टीम ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी अशोक गौतम को शिकायतकर्ता से 14 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
लोकायुक्त ने आरोपी के विरुद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। टीम द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इनकी रही कार्रवाई में भूमिका
ट्रैप कार्रवाई निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह बघेल और आरक्षक कृष्णा अहिरवार की टीम ने की।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई।