नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यामांर के दौरे पर हैं. आज उन्होंने वहां रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा भी उठाया. प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति के साथ हल निकालने की जरूरत है. पीएम मोदी ने कहा, ”रखाइन स्टेट में हिंसा के चलते खासकर सिक्यॉरिटी फोर्सेज और मासूम जीवन की हानि को लेकर आपकी चिंताओं के हम भागीदार हैं. चाहे वह बड़ी शांति प्रक्रिया हो या किसी विशेष मुद्दे को सुलझाने की बात, हम आशा करते हैं कि सभी ऐसा हल निकलाने की दिशा में काम कर सकते हैं, जिससे म्यांमार की एकता और भौगौलिकता अखंडता का सम्मान करते हुए सभी के लिए शांति, न्याय, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्य सुनिश्चित हों.”
दरअसल म्यांमार के रखाइन राज्य में सेना और रोहिंग्या चरमपंथियों के बीच संघर्ष चल रहा है. सैकड़ों लोग इसमें मारे जा चुके हैं. दुनियाभर के मानवाधिकार संगठन म्यांमार में रोहिंग्या पर अत्याचार का आरोप लगा रहे हैं.
रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़ी जरूरी जानकारी
म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमान अल्पसंख्यक हैंम्यांमार में लगभग 11 लाख रोहिंग्या मुसलमान हैंरोहिंग्या को म्यांमार की नागरिकता हासिल नहीं हैम्यांमार सरकार रोहिंग्या को बांग्लादेश से आया हुआ बंगाली मानती हैरोहिंग्या का आरोप है कि म्यांमार में बहुसंख्यक बौद्ध समाज और सेना उन पर अत्याचार करती है.
म्यांमार में लंबे अरसे से रोहिंग्या मुसलमान पलायन कर रहे हैं. रोहिंग्या भारत, बांग्लादेश और थाईलैंड समेत कई दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं. म्यांमार से पलायन करने के बाद रोहिग्या मुसलमान बांग्लादेश में पनाह ले रहे हैं. सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं भारत में भी हजारों रोहिंग्या मुसलमानों ने शरण ले रखी है.
अब तक करीब 1 लाख 80 हजार रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में शरण ले चुके हैं. भारत में भी 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं. ज्यादातर रोहिंग्या जम्मू कश्मीर, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश ,दिल्ली एनसीआर और राजस्थान में मोजूद हैं.
रोहिंग्या मुसलमान का मुद्दा देश की राजनीति को भी गरमा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सरकार से जवाब मांगा है. इस मामले पर 11 सितंबर को सुनवाई है. सरकार का कहना है कि देश में अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को बाहर निकाला जाएगा. सरकार को डर ये है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन रोहिंग्या मुसलमान का इस्तेमाल भारत में आतंक फैलाने के लिए कर सकते हैं.
रोहिंग्या मुसलमानों की हालत पर संयुक्त राष्ट्र ने भी चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने कहा कि अब इस मामले में और देरी नहीं की जा सकती. हमें समस्या की जड़ में जा कर उसे सुलझाना होगा. हम म्यांमार सरकार से अपील करते हैं कि वो रोहिंग्या मुसलमानों को नागरिकता दे नहीं तो कम से कम उन्हें कानूनी तौर पर रहने की इजाजत दे.
रोहिंग्या संकट का हल तब तक नहीं निकलेगा जब तक म्यांमार से उनका पलायन नहीं रुक जाता और संघर्ष खत्म नहीं होता. म्यांमार के रुख को देखकर ऐसा नहीं लगता है कि जल्द ऐसा होगा और रोहिंग्या को नागरिकता के अधिकार दिए जाएंगे.
म्यांमार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कहना है कि हम आतंकवाद से अपनी रक्षा करेंगे. हम अपने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करेंगे. हम अपने नागरिकों की रक्षा करेंगे, चाहे इसके लिए कितनी भी सेना क्यों ना इस्तेमाल करना पड़े.
Trending
- रतलाम: फिर हुई चाकूबाजी – दोस्तों के साथ कैफे पर गए दसवीं कक्षा में पढ़ रहे किशोर पर 4 नाबालिगों ने किया चाकू से जानलेवा हमला
- रतलाम: रेडक्रॉस सोसाइटी, अभिभाषक संघ व समता युवा संघ के संयुक्त तत्वाधान में लगा स्वास्थ्य शिविर
- रतलाम: मुंबई पुलिस की रतलाम में कार्रवाई-जावरा पुलिस के साथ आपरेशन में 10 करोड़ की एमडी ड्रग्स पकड़ी, दो गिरफ्तार
- रतलाम: समस्याओं को लेकर निगम कमिश्नर का घेराव,मंत्री पर टिप्पणी से नाराज़ हुए पूर्व बीजेपी पार्षद और रहवासी, कार छोड़ पैदल चले गए निगम आयुक्त
- रतलाम: दो बत्ती थाने के पीछे ही युवाओं के दो गुटों में भिड़ंत, चली लाठी-जमकर हुई मारपीट, वीडियो आया सामने…पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के क्वार्टर है यहां
- रतलाम: दिनदयाल थाना ने पकड़ी अवैध शराब, दो आरोपी गिरफ्तार,कार में हो रही थी तस्करी, 105 लीटर अवैध शराब जब्त
- रतलाम: काला-गौरा भैरव मंदिर में चोरी की वारदात,ताला तोड़ दानराशि ले गए बदमाश… सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों की हरकत कैद
- रतलाम: कोयला घाट पर दर्दनाक हादसा- ट्रक ने नियंत्रण खोया, रिवर्स होकर पिकअप को चपेट में लिया, रतलाम के दो लोगों सहित तीन की मौत
