इंदौर, 8 जून(खबरबाबा. कॉम)। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने एसपी डॉ. राजेश सहाय के निर्देशन में सोमवार को मनावर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी करने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
लोकायुक्त संगठन के अनुसार महानिदेशक योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर इंदौर लोकायुक्त इकाई ने यह ट्रैप कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी प्रवीण पाटीदार (42), पटवारी, बीडपुरा, तहसील मनावर, जिला धार है।
दो प्लॉटों के नामांतरण के लिए मांगी थी रिश्वत
शिकायतकर्ता अरुण कुमार तिवारी (66) मनावर, जमीन एवं भूखंड क्रय-विक्रय का कार्य करते हैं। उन्होंने अपने साथी अंकुश सोनी को ग्राम पंचायत कस्थली में दो प्लॉट विक्रय किए थे। इन प्लॉटों के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पटवारी प्रवीण पाटीदार ने प्रति प्लॉट 10 हजार रुपए के हिसाब से कुल 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने पर बिछाया दल गठित
रिश्वत मांगने की शिकायत अरुण तिवारी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंदौर में एसपी डॉ राजेश सहाय से की थी। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 8 जून को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप दल गठित कर कार्रवाई की।
लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की पहली किश्त लेते हुए मनावर तहसील स्थित पटवारी कार्यालय में रंगे हाथों पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम-2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दल में यह शामिल
ट्रैप कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, आरक्षक विजय कुमार,सतीश यादव,कमलेश परिहार,मनीष माथुर एवं कृष्णा अहिरवार शामिल रहे।
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना लोकायुक्त कार्यालय को दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।