नई दिल्ली, 7 दिसम्बर2019/यूपीएससी 2018 की परीक्षा में दूसरा स्थान लाने वाले अक्षत जैन का कहना है कि किसी भी चीज को पाने के लिए “जान लगा दो या फिर जाने दो.” आज हम आपको अक्षत बारे में बताने जा रहे हैं कैसे 23 साल की उम्र में उन्होंने यूपीएससी की कठिन परीक्षा को न सिर्फ पास किया बल्कि दूसरा स्थान भी हासिल किया. उन्होंंने एक इंटरव्यू में अपने स्कूल टाइम के बारे में बताया कैसे स्कूल के आखिरी साल में वह मुश्किल दौर से गुजरे. आइए जानते हैं, उन्होंने अपने बारे में क्या बताया.
अक्षत का ये दूसरा प्रयास था. उन्होंने बताया कि 11वीं-12वीं के दो साल मेरी जिंदगी के सबसे कठिन साल थे. वहीं इन दो सालों में जो मैंने सीखा वही यूपीएससी के दूसरे प्रयास में अपनाया है.
अक्षत ने बताया मैंने करियर के लिए आईआईटी को चुनने के लिए फैसला किया. जिसके बाद मैंने कोचिंग लेनी शुरू कर दी. उस समय टेस्ट में मेरे इतने अच्छे मार्क्स नहीं आते थे, वहीं धीरे-धीरे मुझे भी ये बात महसूस होने लगी कि कितनी भी मेहनत कर लूं रिजल्ट सही नहीं आ रहा है. जिसके बाद चिंता होने लगी. वहीं जब मेरे माता-पिता चिंतिंत होने लगे तो ये देखकर मुझे काफी दुख हुआ. वहीं दूसरी ओर मेरे रिजल्ट में कोई बदलाव नहीं आ रहा था. उस समय मन में ख्याल भी आया था क्या साइंस से कॉमर्स में स्विच कर लेना चाहिए?
अक्षत ने बताया कि हालत इतनी बुरी थी कि मैं जब सोने जाता था तो रोता था. क्योंकि मैं अपने परिवार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा था. उस समय मैं रोता और भगवान को कोसता था.
उन्होंने कहा 12वीं में भी मुझमें कोई इंप्रूवमेंट नहीं आई, मैं जहां था वहीं रहा. मेरे पिताजी के सामने एक टीचर ने कहा था कि जिस तरह से तुम्हारी तैयारी चल रही है IIT में तुम्हारी रैंक 20,000 हजार के पार आएगी. ये वो पल था जैब मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई थी.
अक्षत ने कहा इतना सबकुछ सुनने के बाद मैं लगातार तैयारी करने में लगा रहता था. सब मुझे छोड़ने की सलाह देते थे, लेकिन मैंने सोचा इतनी मेहनत की है तो और मेहनत कर लेते हैं.
अक्षत ने बताया जेईई परीक्षा का जब टाइम आया उस समय मैंने खुद से महसूस किया कि ये मुझसे नहीं हो पाएगा और कहीं न कहीं मेरे माता-पिता भी ये बात जानते थे.
जिसके बाद मैंने बिट्स पिलानी की परीक्षा देने का फैसला किया और जब परीक्षा का रिजल्ट आया तो उसमें मैं सबसे पीछे था. जिसके बाद मैंने किसी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन ले लिया और पूरी तरह से खुद को रिलेक्स किया और मैंने टेंशन लेना छोड़ दिया. ये वो पल जब मैंने खुद से कहा “होगा तो होगा और नहीं हुआ तो ऐसा नहीं कि जिंदगी खत्म हो जाएगी”
अक्षत ने खुद से कहा ” इतना भी निकम्मा नहीं कि कुछ न कर पाऊं, किसी न किसी कॉलेज में जाऊंगा तो कुछ न कुछ अच्छा कर ही लूंगा”. वहीं मैंने खुद को शांत किया और अपने कंधों पर जो बोझ था जिसकी वजह से मैं खुद को नालायक समझता था वो सब उतार दिया.
जिसके बाद मैंने सोचा जेईई परीक्षा के लिए अभी दो महीने बाकी हैं. इसमें जितना अच्छा कर सकता हूं कर लेता हूं. बाद में भगवान जानें परिणाम क्या होगा. मैं अपनी तरफ से जितनी मेहनत कर सकता था मैंने की.
बिना टेंशन के मैंने जेईई की परीक्षा दी. रिजल्ट में मेरी रैंक 4700 रैंक आई थी. उस समय मुझे महसूस हुआ कि भगवान काफी दयालू है. मेरा दाखिला IIT गुवाहटी में हुआ. अक्षत जैन ने कहा कि मैंने सीखा कि मेहनत का फल जरूर मिलता है वो भी सही समय पर.
अक्षत ने बताया कि जेईई की परीक्षा के दौरान मैंने जो भी कुछ सीखा वो सब बातें सिविल सर्विसेज परीक्षा यूपीएससी के समय काफी काम आई.
जेईई परीक्षा की तैयारी के दौरान मैं मेहनत तो कर रहा था, लेकिन रिजल्ट नहीं आ रहा था. उसका एक कारण था कि मैं उस परीक्षा की नस नहीं पकड़ रहा था. ऐसे में यूपीएससी की परीक्षा के दौरान सबसे इसे बारिकी से समझा.
यूपीएससी की तैयारी करने से पहले मैंने सोच लिया था कि पहले स्ट्रेटजी (रणनीति) बनाऊंगा फिर ही तैयारियां शुरू करूंगा. भले ही स्ट्रेटजी बनाने में हफ्ता भर क्यों न लग जाए.
नहीं बदली स्ट्रेटजी
अक्षत ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी से पहले मैंने जो स्ट्रेटजी बनाने का फैसला किया था उस न बदलने का भी फैसला किया. मैंने उसी स्ट्रेटजी के मुताबिक ही तैयारी की.
अक्षत ने कहा यूपीएससी की तैयारी के दौरान मैंने सोच लिया था कि अपनी एनर्जी किसी भी फालतू चीजों में नहीं लगने दूंगा. नहीं सोचूंगा कि कहां फंस गया हूं. ये करने की क्या जरूरत थी और क्यों किया. मैं सिर्फ इस बारे में सोचूंगा कि मैं क्या अपने टारगेट अचीव कर पा रहा हूं या नहीं.
आपको बता दें, अक्षत जैन के के माता पिता सिविल सर्विसेज में हैं उन्हें अपने माता-पिता से देश सेवा का जज्बा मिला. साल 2018 के परिणाम उन्होंने दूसरी रैंक हासिल की और उन्होंने दिखा दिया कि अगर आप मेहनत करेंगे तो फल अवश्य मिलेगा.
(साभार-आज तक)
Related Posts
Add A Comment
Contact
- Office address :- 19, Dr. Devisingh Colony Opposite New court , Ratlam MP
- info@khabarbaba.com
-
Managed By -
Rajesh Jain
Sourabh Kothari
Samagra Jain
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 Khabarbaba. All Right Reserved Designed by Brandistan.