इंदौर, 14 अगस्त(खबरबाबा. काम)। लोकायुक्त इंदौर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पालिक निगम इंदौर में पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारी जितेन्द्र कुमार पाण्डेय के इंदौर स्थित दो ठिकानों पर एक साथ छापा कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में करीब 1 करोड़ 73 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है। दोनों ठिकानों पर सर्चिंग अभी जारी है। शुक्रवार सुबह 7:00 कार्रवाई शुरू हुई।
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश पर डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन तथा एसपी लोकायुक्त इंदौर राजेश सहाय के नेतृत्व में लोकायुक्त इंदौर संभाग इंदौर द्वारा यह कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त के अनुसार, जितेन्द्र कुमार पाण्डेय नगर निगम इंदौर में सहायक राजस्व अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और उनके करीब 31 वर्ष के सेवाकाल के दौरान अर्जित संपत्ति की जांच में आय से अधिक संपत्ति होने की जानकारी मिली थी। इसके आधार पर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी), 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि अधिकारी की पत्नी के नाम से आनंद नगर एक्सटेंशन, नवलखा चितावद, गजाधर नगर में 40×50 के भूखंड पर जी+3 भवन निर्मित है। इस भवन पर करीब 1.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
इसी तरह पत्नी के नाम से गजाधर नगर, चितावद स्थित गुलमोहर का बगीचा क्षेत्र के भूखंड क्रमांक 32 पर जी+2 भवन निर्मित कर छात्रावास संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस निर्माण पर करीब 91.50 लाख रुपये खर्च होना बताया गया है।
इसके अलावा पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम से चार पहिया एवं दो पहिया वाहन खरीदने तथा अन्य खर्चों पर करीब 14 लाख रुपये व्यय होना पाया गया है।
लोकायुक्त के मुताबिक, अधिकारी को पूरे सेवाकाल में अनुमानित 80 लाख रुपये वेतन प्राप्त हुआ, जबकि जांच में करीब 2.53 करोड़ रुपये का व्यय सामने आया है। इस हिसाब से वैध आय की तुलना में 1,73,08,069 रुपये अधिक, यानी करीब 216.35 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति का प्रारंभिक आकलन किया गया है।
लोकायुक्त इंदौर के डीएसपी सुनील तालान और आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास और सचिन पटेरिया की टीम द्वारा दोनों ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है तथा सर्च पूरी होने के बाद अनुपातहीन संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकेगा।