रतलाम, 17 सितंबर (खबरबाबा.कॉम)। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम नयाखेड़ा में 11 सितंबर को हुई महिला देवीबाई डामोर की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतिका से संबंध रखने वाले बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामोर और उसके पिता बद्दा डामोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार जमीन में हिस्सा देने को लेकर चल रहे विवाद और सामाजिक बदनामी के चलते दोनों ने हत्या की योजना बनाई थी।
घटना का विवरण
11 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे ग्राम नयाखेड़ा निवासी अन्नुसिंह डामोर अपने खेत पर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि देवीबाई पति स्वर्गीय रायसिंह डामोर, जो रोजाना अपने घर के बरामदे में खाट पर सोती थीं, जमीन पर पड़ी हुई थीं। पास जाकर देखने पर देवीबाई खून से लथपथ मिलीं। उनके सिर पर, दाहिने कान के पास गहरी चोट थी।
अन्नुसिंह ने घटना की जानकारी देवीबाई के देवर भुरालाल डामोर को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में थाना शिवगढ़ पर धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने ऐसे खोला अंधे कत्ल का राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। एएसपी राकेश कुमार पान्द्रो एवं विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला और डीएसपी आजाक अजय सारवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र में जांच के साथ संदिग्धों से पूछताछ की। विश्वसनीय मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामोर और उसके पिता बद्दा डामोर को संदेह के दायरे में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त सामान जब्त किया गया।
2017 से थे मृतिका और आरोपी के बीच संबंध
पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामोर और मृतिका देवीबाई डामोर के बीच वर्ष 2017 से संबंध थे। इसकी जानकारी परिवार और समाज के लोगों को भी हो गई थी। इसके बाद मृतिका के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में हिस्से को लेकर परिवार एवं सामाजिक स्तर पर बातचीत हुई थी।
पुलिस के अनुसार बसंतीलाल के पिता बद्दा डामोर ने मृतिका को अपने पुत्र के साथ रखने, परिवार की जमीन में से आधा हिस्सा देने, बच्चों के भरण-पोषण और रहने के लिए मकान उपलब्ध कराने की बात कही थी। बाद में मृतिका के रहने के लिए मकान बनाया गया, लेकिन जमीन में आधा हिस्सा देने से आरोपी पक्ष ने इनकार कर दिया।
जमीन के विवाद को लेकर होती थी कहासुनी
जमीन में हिस्सा देने को लेकर मृतिका और आरोपी पक्ष के बीच लगातार विवाद एवं कहासुनी होती रहती थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी इस विवाद से परेशान थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सामाजिक एवं गांव में होने वाली बदनामी तथा जमीन का आधा हिस्सा नहीं देना पड़े, इसी सोच के चलते उन्होंने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई।
तड़के घर पहुंचकर कुल्हाड़ी से किया वार
पुलिस के अनुसार योजना के तहत 11 सितंबर को तड़के करीब 3 बजे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामोर और उसका पिता बद्दा डामोर देवीबाई के घर पहुंचे। दोनों ने धारदार हथियार से वार कर देवीबाई की हत्या कर दी और मौके से चले गए। सुबह करीब 6 बजे घटना का पता चला।
यह सामान किया जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक धारदार कुल्हाड़ी जब्त की है। इसके अलावा घटना के दौरान आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े और दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
दो आरोपी गिरफ्तार
1. बसंतीलाल उर्फ गुड्डा पिता बद्दा डामोर, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम नयाखेड़ा, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम।
2. बद्दा डामोर पिता दल्ला डामोर, उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम नयाखेड़ा, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
अंधे कत्ल का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उ.पु.अ. सुरेन्द्रसिंह गडरिया, थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक रणजीतसिंह मकवाना, निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, निरीक्षक कन्हैया अवस्थ्या, उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदोरिया, उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, उपनिरीक्षक ईशाक मोहम्मद खान सहित पुलिस एवं साइबर टीम के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साइबर टीम में उपनिरीक्षक जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक तुषार सिसोदिया और राहुल पाटीदार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने टीम की सराहनीय भूमिका के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।