रतलाम 5 दिसंबर (खबरबाबा. काम) । विधानसभा चुनाव, 2018 की मतगणना 11 दिसम्बर को प्रात: 8 बजे से प्रारंभ होगी। मतगणना के प्रारंभ में सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जायेगी।
पोस्टल बैलेट की गणना के लिये प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रवार अलग से एक टेबिल लगायी जायेगी। इसके लिये एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त होगा। पोस्टल बैलेट की गणना में केवल वैध डाक मतों को ही शामिल किया जायेगा। इलेक्ट्रॉनिक फार्म में जारी किये गये मतपत्रों की वैधता के लिये क्यूआर कोड स्केन किया जायेगा। सभी इलेक्ट्रॉनिक बैलेट पेपर पर आयोग द्वारा क्यू आर कोड अंकित किया गया है। पोस्टल बैलेट की गणना प्रारंभ करने के 30 मिनट बाद ईवीएम से मतगणना प्रारंभ की जाएगी। यदि पोस्टल बैलेट की गणना ईवीएम के वोटो की गिनती अंतिम चरण के पूर्व पूर्ण नहीं होती है तो पोस्टल बैलेट की गणना समाप्त होने के बाद ही ईवीएम की अंतिम चरण की गणना की जायेगी। प्रत्येक चरण की गणना का परिणाम मतगणना अभिकर्ता को प्रदान किया जायेगा और इसका गणना-पत्रक रिटर्निंग अधिकारी के टेबल पर नियुक्त गणना अभिकर्ताओं को दिया जायेगा।
एक बूथ की व्हीव्हीपेट की पर्चियों से किया जायेगा ईव्हीएम के वोटों का मिलान
रतलाम। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केन्द्र का लाटरी द्वारा चयन कर उस बूथ की ईव्हीएम के मतों की गणना का मिलान उसी बूथ की व्हीव्हीपेट मशीन की पर्चियों से किया जायेगा। लेकिन ऐसा उस विधानसभा क्षेत्र की अंतिम चक्र के वोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही किया जायेगा। निर्वाचन आयोग ने अंतिम चक्र की गिनती पूरी होने के तत्काल बाद मतगणना हाल के अन्दर ही ईव्हीएम के वोटो का व्हीव्हीपेट की पर्चियों से सत्यापन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिये हैं। आयोग ने संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने भी कहा है।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से एक मतदान केन्द्र के ईव्हीएम पर दर्ज वोटो का व्हीव्हीपेट की पर्चियों से मिलान का यह कार्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक की देखरेख में तथा उम्मीदवारों अथवा उनके निर्वाचन अभिकर्त्ता एवं मतगणना अभिकर्त्ताओं की उपस्थिति में ही होगा। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम चक्र की मतगणना समाप्त होने के बाद उस विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्रों की संख्या के बराबर सफेद रंग के कागज पर पोस्ट कार्ड आकार की पर्चियां बनाई जायेंगी। इन पर्चियों पर काले अक्षरों से मतदान केन्द्रों का नम्बर लिखा होगा जिसका आकार एक इंच गुणा एक इंच होगा। मतदान केन्द्रों का नम्बर अंकित पर्चियों को चार तहों में इस तरह फोल्ड किया जायेगा ताकि मतदान केन्द्र का नम्बर दिखाई न दे।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक चार तहों में फोल्ड की गई इन पर्चियों को एक कंटेनर में डालकर मिलाया जायेगा। इसके पहले पर्चियों को कंटेनर में डालकर उम्मीदवारों के अभिकर्त्ताओं को दिखाया जायेगा। कंटेनर में डाली गई मतदान केन्द्र नम्बर लिखी पर्चियों में से कोई एक पर्ची का रेण्डम आधार पर चयन आयोग के प्रेक्षक द्वारा उम्मीदवार अथवा उनके निर्वाचन अभिकर्त्ता एवं गणना अभिकर्त्ताओं की मौजूदगी में किया जायेगा। निर्वाचन आयोग के मुताबिक एक बूथ के ईव्हीएम पर दर्ज वोटो का सत्यापन व्हीव्हीपेट की पर्चियों से करने के पूर्व रिटर्निंग अधिकारी को सभी अभ्यर्थियों को इसके लिए पूर्व में सूचना देनी होगी। आयोग ने ईव्हीएम के वोटों का मिलान व्हीव्हीपेट की पर्चियों से कराने की व्यवस्था मतगणना हॉल में ही अलग से करने के निर्देश भी दिये हैं। आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मिलान हेतु व्हीव्हीपेट के ड्राप बाक्स से निकाली गई पर्चियों को पिजन होल ट्रे में अलग-अलग खाने में रखा जायेगा। प्रत्येक खाने पर उम्मीदवारों का चुनाव चिन्ह अंकित होगा जिसके अनुसार ही पर्चियां रखी जायेंगी। सभी पर्चियां खानों में रखने के बाद 25-25 पर्चियों के बंडल बनाकर उनकी गिनती की जायेगी। व्हीव्हीपेट की स्लिप की गणना के पश्चात ईव्हीएम की कंट्रोल यूनिट से मिलान कर एक सत्यापन पत्रक रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जारी किया जायेगा।
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